
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन के निर्देशानुसार शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित विभिन्न मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सरकारी विद्यालयों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है।
उपायुक्त ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार, गतिविधि आधारित शिक्षण, छात्र केंद्रित वातावरण तथा सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना है। इसके तहत जिले के कुल 41 चयनित विद्यालयों को पुरस्कृत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी सरकारी प्राथमिक, मध्य, उच्च, उच्च माध्यमिक एवं आवासीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापक/प्रधानाध्यापिका से ऑनलाइन माध्यम से नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। निर्धारित मूल्यांकन मानकों के आधार पर चयनित विद्यालयों की विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) को विद्यालय के समग्र विकास एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में सतत सुधार हेतु प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि उच्च विद्यालय को प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹1,00,000, द्वितीय ₹50,000 व तृतीय -₹25,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। मध्य विद्यालय को प्रथम पुरस्कार ₹50,000, द्वितीय ₹25,000 व तृतीय ₹10,000, प्राथमिक विद्यालय को प्रथम पुरस्कार ₹50,000, द्वितीय ₹25,000 व तृतीय ₹10,000 जबकि आवासीय विद्यालय को प्रथम पुरस्कार ₹1,00,000 दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा प्रत्येक प्रखण्ड के प्राथमिक, मध्य एवं उच्च विद्यालय को भी प्रथम पुरस्कार ₹50,000, द्वितीय ₹25,000 व तृतीय ₹10,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
इसके नामांकन की प्रक्रिया ऑनलाइन है। ऑनलाइन लिंक 20 जुलाई, 2026 को सभी विद्यालयों को आधिकारिक वॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से साझा की जाएगी। सभी प्रधानाध्यापक निर्धारित प्रारूप में आवश्यक विवरण एवं साक्ष्य (फोटो, वीडियो एवं अन्य प्रमाण) सहित ऑनलाइन आवेदन भरना सुनिश्चित करेंगे। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 05 अगस्त, 2026 निर्धारित की गई है। इसके बाद प्राप्त किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
उपायुक्त ने इसके मूल्यांकन के मुख्य बिंदु पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विद्यालयों का चयन छात्र उपस्थिति, आधार सीडिंग, अपार आईडी जनरेशन, उच्च प्रतिधारण दर, कम ड्रॉपआउट दर, मध्याह्न भोजन कवरेज, इको क्लब गठन, पोषण वाटिका, कम लागत-शून्य लागत गतिविधियों का क्रियान्वयन, रेल मूल्यांकन, जिला स्तरीय निरीक्षण दल के विद्यालय भ्रमण तथा विद्यालय प्रबंधन समिति की सक्रियता के आधार पर किया जाएगा।















